मऊ में दलित दंपत्ति कि पिटाई, अब तक नहीं हुई कोई ठोस कार्रवाई


मऊ: हाथरस गैंगरेप और हत्याकांड की आग ठंडी अभी भी नहीं पड़ी थी कि बलरामपुर में एक छात्रा के साथ गैंगरेप की वारदात सामने आई। फिर अलीगढ़ में चार साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म का मामला सामने आया। पुलिस अभी इन वारदातों को सुलझाने में उलझी हुई है, और अपराधी एक के बाद एक संगीन जुर्म को अंजाम देते जा रहे हैं।



अब खबर है कि मऊ जिले में एक दलित दंपति से मारपीट का मामला सामने आया है।  ये पूरा मामला मऊ जिले के भदेसरा थाना के दक्षिणटोला गांव का है…जहां के रहने वाले श्यामलाल और उनकी पत्नी के साथ उसी गांव के रहने वाले नवीन सिंह उर्फ रिंकू और हवलदार यादव ने मारपीट की, जिसमें श्याम लाल की पत्नी को गंभीर चोटें आई हैंं। 



पीड़ित दंपत्ति का कहना है कि नवीन सिंह और हवलदार यादव उनके घर पर आए और पैसे के लेनदेन को लेकर उनके साथ मारपीट की। मारपीट के दौरान महिला के कमर और पेट पर गंभीर चोटें आई हैं। फिलहाल आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर लिया गया है।



इस वारदात के पीछे पुलिस की लापरवाही सामने आ रही है। जानकारी के मुताबिक दलित दंपति से मारपीट करने वाला शख्स नवीन सिंह छेड़छाड़ के मामले का आरोपी है।


आरोपी नवीन सिंह ने बीते 6 जून को एक युवती से छेड़छाड़ की वारदात को अंजाम दिया था। बता दें कि युवती पड़ोस के घर में दूध पहुंचाने गई थी तभी वहां पहले से घात लगाए बैठे दबंगों ने उसके साथ छेड़छाड़ किया। दबंगों ने पीड़िता और उसके परिवार वालों को जान से मारने की धमकी भी दी थी।



पीड़िता ने छेड़छाड़ की शिकायत पहले महिला हेल्प लाइन नंबर 1090 पर की थी लेकिन बदमाशों के खिलाफ कोई कार्रवाई अभी तक नहीं हुई।


आरोपी के खिलाफ पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई न किये जाने की वजह से आरोपी के हौसले और बुलंद हो गए और अब उसने बुजुर्ग महिला से मारपीट की घटना को अंजाम दिया हैं। फिलहार आरोपी के खिलाफ एफआईआर तो दर्ज कर ली गई है लेकिन क्या इस बार अपराधी जेल की सलाखों के पीछे होगा ये एक बड़ा  सवाल है।


प्रदेश में बेटियां कब होंगी सुरक्षित ?
हाथरस कांड के बाद जिस तरह से योगी सरकार एक्शन में है और मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित की, पुलिस कर्मियों को निलंबित किया। मामले की जांच को सीबीआई को सौंपने का फैसला लिया। उसके बाद तो यहीं लग रहा था कि अब प्रदेश में अपराधियों की खैर नहीं, लेकिन प्रदेश में जिस तरह से एक के बाद एक महिलाओं पर अत्याचार और उत्पीड़न की घटना सामने आ रही है उससे तो यही लग रहा है कि अपराधियों के हौसले बुलंद हैं तो पुलिस और कानून बेबस और लाचार।